शुक्रवार, 3 अक्तूबर 2014

राजेश कुमार श्रीवास्तव पुलिस उपाधीक्षक -------------गवाह ------------8

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ST No. 310/2008
स0 बनाम खालिद मुजाहिद व 1 अन्य
थाना कोतवाली नगर, बाराबंकी
नाम राजेश कुमार श्रीवास्तव पुलिस उपाधीक्षक
मुख्यालय ए0टी0एस0 लखनऊ ने आज
दिनांक 20.07.12 को सशपथ बयान किया
कि मैं तत्कालीन पुलिस अपर पुलिस
महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था
श्री ब्रजलाल के आदेश पत्रांक CA-IG-STF
-22 (VI) 2007  फरवरी 11 2008 के द्वारा
उक्त मु0अ0सं0 1891/07 थाना कोतवाली
जनपद बाराबंकी की विवेचना जनपद
बाराबंकी से ए0टी0एस0 को हस्तान्तरित
की गई थी। उक्त आदेश पत्रावली के
कागज सं0 अ-30 पर उपलब्ध है।
मेरे द्वारा उक्त अधिकारी के साथ
कार्य किया गया है तथा उनको
लिखते पढ़ते व हस्ताक्षर करते
देखा गया है उनके हस्ताक्षर मैं
पहचानता हूँ, जिस पर प्रदर्श क 10
डाला गया। उक्त आदेश के अनुक्रम
में तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ।ATS
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तथा वर्तमान में पुलिस उपमहानिरीक्षक
ए0टी0एस0 के पद पर नियुक्त श्री राजीव
सब्बरवाल के आदेश पत्रांकST - SSP-
ATS-13/08 दिनांक 17.2.2008 के
द्वारा उक्त विवेचना मुझे आवंटित की
गई। उक्त आदेश पत्रावली के कागज
सं0 अ-27 पर उपलब्ध है जिस पर
श्री राजीव सब्बरवाल के हस्ताक्षर
है मैंने उनको लिखते पढ़ते तथा
हस्ताक्षर करते देखा है। तथा उक्त
पत्रावली में उनके हस्ताक्षर अंकित है।
जिनको मैं पहचानता हूँ जिस पर प्रदर्श
क-11 डाला गया। दिनांक 25.02.08
को उक्त अभियोग से संदर्भित समस्त
अभिलेख पुलिस अधीक्षक बाराबंकी के
कार्यालय के माध्यम से ए0टी0एस0 को
प्रेषित किये गये जिसका अवलोकन मेरे
द्वारा किया गया तथा पूर्व विवेचक श्री
दयाराम सरोज द्वारा किता की गई
अभियोग दैनिकी का मेरे द्वारा अवलोकन
किया गया तथा अभियुक्तों की न्यायिक
अभिरक्षा माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट
जनपद बाराबंकी से प्राप्त की गई।
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मेरे द्वारा दिनांक 10.3.2008 को उक्त
अभियोग में अभियुक्तों के पास से बरामद
किये गये विस्फोटक पदार्थों को निष्क्रीय
कराये जाने हेतु पत्र पुलिस अधीक्षक
(प्रशिक्षण एवं सुरक्षा) होम निवास न्यू
हैदराबाद कालोनी जनपद लखनऊ को
प्रेषित की गई जो पत्रावली में कागज सं0
अ-26 है। जिस पर मेरे हस्ताक्षर है
प्रदर्श क-12 डाला गया। दिनांक 13 मार्च
2008 को तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर
जनपद बाराबंकी द्वारा दूरभाष पर
अवगत कराया गया कि 32वीं वाहिनी
पी0ए0सी0 के बम निष्क्रीय दस्ता की टीम
थाना कोतवाली जनपद बाराबंकी पर
उपस्थित है। अतः मेरे द्वारा आकर वहां
पर अभियुक्तों के पास से बरामद
किये गये विस्फोट पदार्थों के निष्क्रीय
कराये जाने की कार्यवाही करायी जाये।
उक्त सम्बंध में मेरे द्वारा पुलिस
उप महानिरीक्षक ए0टी0एस0 से अनुमति
प्राप्त कर सरकारी वाहन यू0पी0 32 बी0जी0
2241 के साथ थाना कोतवाली जनपद
बाराबंकी आये जहां पर बम निष्क्रीय
दस्ता के अधिकारी राजेश कुमार
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एवं दिनेश कुमार सिंह उपस्थित मिले तथा
उनके द्वारा मेरे पूर्व प्रेषित किये गये पुलिस
अधीक्षक (प्रशिक्षण एवं सुरक्षा) के पत्र के
अनुक्रम में सेनानायक 32वीं वाहिनी
पी0ए0सी0 द्वारा उनको दिये गये आदेश की
प्रति उपलब्ध करायी। थाने पर मेरे द्वारा
तत्कालीन मालखाना प्रभारी श्री भगवती
प्रसाद मिश्र एवं थाना प्रभारी जे0पी0 सिंह
को बुलाया गया तथा पूर्व विवेचक द्वारा
उक्त विस्फोटक पदार्थों को निष्क्रीय
कराये जाने के सम्बंध में माननीय
मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट द्वारा 18.01.2008
को दी गई स्वीकृति से अवगत कराया।
इसके उपरान्त अभियुक्तों के पास से बरामद
किये गये विस्फोटक पदार्थों को निष्क्रीय
कराये जाने हेतु तथा उक्त अनुक्रम में
आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था स्थापित
किये जाने हेतु क्षेत्राधिकारी नगर एवं
थाना प्रभारी कोतवाली श्री जे0पी0 सिंह
को निर्देशित किया गया पश्चात
हैदरगढ़ बाई पास आकर सुनसान
स्थल पर अभियुक्तों के पास से
बरामद किये गये विस्फोटक पदार्थों के
निष्क्रीय किये जाने की कार्यवाही बम
निरोधक दस्ता के अधिकारियों द्वारा
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सम्पादित की गई। तथा निष्क्रीय करण के
उपरान्त विस्फोटक पदार्थों एवं डिटोनेटर्स
के अंश अभियुक्त व अग्रिम रसायनिक
परीक्षण हेतु मौके पर सील मोहर किये
गये तथा मौके पर ही मेरे द्वारा फर्द
स्व0 हस्तलेख अंकित की गई तथा
उस पर गवाहों के हस्ताक्षर कराये
गये जो पत्रावली में कागज सं0अ-22
है तथा उक्त अभिलेख पर प्रदर्श क-13
डाला गया। बम निरोधक दस्ता के
अधिकारियों द्वारा उक्त विस्फोटक
पदार्थों के निष्क्रीय कराये जाने के
सम्बंध में आख्या मुझे दी गई जो
पत्रावली में कागज सं0 अ-23 है जिस
पर प्रदर्श क-3 पूर्व में डाला गया है।
मेरे द्वारा दिनांक 14.03.2008 को तत्का-
लीन पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 श्री
मनोज कुमार झा तथा कमाण्डो
भूपेन्द्र सिंह के बयान अंकित किये गये।
दिनांक 15.03.08 को मेरे द्वारा उक्त
प्रकरण के वादी श्री चिरंजीव नाथ
सिन्हा तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक
चैक जनपद लखनऊ के बयान
अंकित किये गये तथा उनके द्वारा
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अभियुक्त खालिद मुजाहिद के घर
37 मेहतवाना थाना मडि़याहूं जनपद
जौनपुर में दी गई दबिश तथा उनके
घर से बरामद किये गये अभिलेख
एवं नोकिया मोबाइल फोन से सम्बंधित
फर्द की प्रति उपलब्ध करायी गई। तथा
इसके अतिरिक्त उनके द्वारा तत्कालीन
क्षेत्राधिकारी क्राइम ब्रांच लखनऊ श्री
जनक प्रसाद द्विवेदी द्वारा दिनांक 18.12.07
को अभियुक्त तारिक कासमी के घर पर
दी गई दबिश एवं उनके घर से बरामद
अभिलेख एवं मोबाइल फोन से
सम्बंधित फर्द खाना तलाशी कीप्रति
उपलब्ध कराई गई जो पत्रावली में
कागज सं0 अ-19, अ-18 है। उक्त
फर्द पर श्री चिंरजीव नाथ सिन्हा तथा
श्री जनक प्रसाद द्विवेदी के क्रमशः
हस्ताक्षर हैं। जिनको लिखते पढ़ते एवं
हस्ताक्षर करते हुए देखा है। तथा उनके
हस्ताक्षरों को शामिल पत्रावली में
पहचानता हूँ जिस पर प्रदर्श क 14
एवं प्रदर्श क-15 क्रमशः डाला गया। (7)
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मेरे द्वारा विधि विरूद्ध क्रिया कलाप निवारण
अधिनियम के धारा 2 (1) (m) सपठित धारा
35 के अन्तर्गत आतंकवादी संगठन की
अनुसूची जिसके क्रमांक 7 के अन्तर्गत
भारत सरकार द्वारा हरकत-उल-जेहाद
-ए-इस्लामी को प्रतिबंधित आतंकवादी
संगठन घोषित किया गया है की प्रतिलिपी
प्राप्त की गई जो पत्रावली में कागज सं0
अ-20 है। जिस पर वस्तु प्रदर्श-39 डाला
गया। मेरे द्वारा दिनांक 15.03.08 को
अभियुक्तगण सर्व श्री खालिद मुजाहिद तथा
तारिक काजमी के विरूद्ध संकलित किये
गये साक्ष्य के आधार पर आरोप पत्र
क्रमांक-95 अन्तर्गत धारा 121, 121ए, 122,
124ए, 332 भा0द0वि0 4/5 विस्फोटक पदार्थ
अधिनियम 16/18/20/23 विधि विरूद्ध क्रिया
कलाप निवारण अधिनियम 1967 तदानुक्रम
संशोधित अधि0 2004 के अन्तर्गत माननीय
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रेषित
किया गया जो पत्रावली में कागज सं0 अ-5
है उक्त आरोप पत्र मेरे हस्तलेख में
अंकित है उस पर मेरे हस्ताक्षर है पत्रावली
को देखकर मेरे द्वारा तस्दीक किया गया।
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उस पर प्रदर्शक-16 डाला गया।
दिनांक 07.04.08 को विधि विज्ञान प्रयोगशाला
जनपद आगरा के संयुक्त निदेशक के पत्रांक
322&Exp-08/2611-वि+08 दिनांक
04.04.08 सम्बंधित मु0अ0सं0 1891/2007
राज्य बनाम खालिद मुजाहिद थाना कोतवाली
नगर से सम्बंधित खालिद मुजाहिद
के पास से बरामद किये गये निष्क्रीय
पदार्थों के रसायनिक परीक्षण की रिपोर्ट
प्राप्त हुई जिसके विश्लेषण में वैज्ञानिक
अधिकारी विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा
द्वारा रसायनिक परीक्षण के अन्तर्गत विस्फोटक
अवयव सोडियम, अमोनियम, कैलशियम,
नाइटेªट, परक्लोरेट वैक्स के साथ पाये
गये तथा प्रदर्श-2 के रसायनिक विश्लेषण
से प्राथमिक उच्च विस्फोटक लेडएजाइव
पाया गया। इसी प्रकार संयुक्त निदेशक
विधि विज्ञान प्रयोगशाला के पत्रांक
321-म्गच -08/2610-वि-08 दिनांक 04.04.08
सम्बंधित मु0अ0सं0 1891/2007 राज्य
बनाम तारिक काजमी थाना कोतवाली नगर
के पास से बरामद किये गये विस्फोटक
पदार्थो के निष्क्रीयकरण के उपरांत
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प्रदर्श-1 में रसायनिक विश्लेषण द्वारा
चारकोल, फ्यूल आॅयल तथा उच्च
विस्फोटक आर0डी0एक्स0 पाया गया। प्रदर्श
‘2’ में विश्लेषण द्वारा प्राथमिक उच्च
विस्फोटक लेड एजाइड पाया गया।
उक्त दोनों अभिलेखों की मूलप्रति
पत्रावली में कागज सं0 अ-34, अ-35
क्रमशः है। वस्तु प्रदर्श 40 व 41 क्रमशः
डाला गया। मेरे द्वारा अभियुक्त गणों के
पास से बरामद किये गये विस्फोटक
पदार्थ की परीक्षण रिपोर्ट को प्राप्त
करने के उपरांत जिलाधिकारी बाराबंकी
को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 के
अन्तर्गत अभियोजन स्वीकृति प्रदान किये
जाने हेतु आवेदन किया गया एवं
उक्त अभियोग से सम्बंधित समस्त
अभिलेख एवं केस डायरी एवं परीक्षण
आख्या माननीय जिलाधिकारी के
समस्त प्रस्तुत किया गया जिस पर
विचारोपत्त उनके द्वारा उनके आदेश
सं0 4/2008 दिनांक 16.05.2008 द्वारा
मोहम्मद तारिक काजमी पुत्र रियाज अहमद
निवासी ग्राम सम्मोपुर थाना रानी की सराय
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जनपद आजमगढ़ के विरूद्ध विस्फोटक पदार्थ
अधि0 1908 धारा 7 के अधीन निहित
शक्तियों का प्रयोग करते हुए सक्षम
न्यायालय में अभियोग चलाये जाने हेतु
स्वीकृति प्रदान की। उक्त आदेश पर
जिला मजिस्टेªट बाराबंकी श्री रवीन्द्र द्वारा
मेरे समक्ष हस्ताक्षर किये गये जो
पत्रावली में कागज सं0 अ-32 पर
है जिला मजिस्टेªट बाराबंकी श्री रवीन्द्र
के उक्त हस्ताक्षर जो पत्रावली में
उपलब्ध आदेश पर अंकित है को
मैं पहचानता हूँ जिस पर प्रदर्श क-17
डाला गया। इसी अनुक्रम में खालिद
मुजाहिद के विरूद्ध धारा 4/5 विस्फोटक
पदार्थ अधिनियम 1908 के अन्तर्गत
अभियोजन स्वीकृति के आदेश पत्रावली
में कागज सं0 अ-33 पर उपलब्ध
है। जिस पर प्रदर्श क-18 डाला गया
मेरे द्वारा अभियुक्तगणों के पास से
बरामद रोडवेज बस टिकट तथा
कैन्ट जनपद वाराणसी स्थित साइकिल
स्टैण्ड पर खड़ी की गई मोटरसाइकिल
से सम्बंधित प्रपत्रों को सत्यापन किये
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जाने हेतु अनुरोध अपर पुलिस अधीक्षक
ए0टी0एस0 से किया गया जिसके सम्बंध
में उनके द्वारा ए0टी0एस0 वाराणसी में नियुक्त
उपनिरीक्षक श्री अभय प्रताप मल से रेलवे
साइकिल स्टैण्ड वाराणसी से सम्बंधित
अभिलेख की जांच कराई गई जिसमें
जांच के उपरांत उनके द्वारा यह
अवगत कराया गया कि दिनांक 16.12.07
को उक्त साइकिल स्टैण्ड पर श्री विनोद
कुमार दुबे पुत्र शिवधारी दुबे निवासी
भसई थाना भगकंदपुर जनपद भदुअहा
तैमूर राज्य बिहार की ड्यूटी थी तथा
उसके द्वारा दिनांक 16.12.07 को मोटर
साइकिल जमा करके रसीद को निर्गत
किया गया था उपनिरीक्षक श्री
अशवनी कुमार सिंह द्वारा रसीद की
छायाप्रति का मिलान रसीद की
बुकलेट से किया गया जो सही पाया
गया उसके द्वारा यह भी अवगत कराया
गया कि वह मोटर साइकिल लावारिस
स्थिति में रेलवे स्टैण्ड पर खड़ी है
जिसके मालिक का पता लगाये जाने
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हेतु उपनिरीक्षक द्वारा मोटर साइकिल के
इंजन नम्बर तथा चेसिस नम्बर की कार्बन
प्रति प्राप्त कर मुझे प्रेषित की गई। मेरे
द्वारा उक्त मोटर साइकिल के निर्माता
इकाई एवं विक्रेता इकाई से चरणबद्ध
ढंग से पूछताछ करते हुए यह ज्ञात
किया गया कि उक्त मोटर साइकिल
का मालिक इरशाद अहमद पुत्र सनोवर
निवासी कांट किला रोड, जनपद आजमगढ़
है इस पर मेरे द्वारा इरशाद का बयान
लिया गया जिसके द्वारा यह अवगत
कराया गया कि तारिक काजमी द्वारा उसकी
नियमित रूप से मद्द की जाती रही तथा
स्वयं तारिक काजमी द्वारा उक्त मोटर
साइकिल को खरीदे जाने हेतु भुगतान
किया गया तथा उनके द्वारा ही नियमित
रूप से उसको मासिक किस्त दी जाती
है जिसको उसके द्वारा एच0डी0एफ0सी0
फाइनेंस कमपनी को भुगतान किया
जाता रहा है। उक्त गाड़ी का रजिस्टेªशन
नम्बर यू0पी0 50 एन0 2943 है जिसको
तारिक काजमी द्वारा ही नियमित रूप
से प्रयोग में लाया जाता रहा। मेरे द्वारा
अभियुक्त के पास से बरामद किये
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गये रोडवेज बस स्टैंड के बरामद बस टिकट के
सत्यापन कार्यवाही किये जाने हेतु पत्र प्रबंध
निदेशक उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम
लखनऊ को प्रेषित किया गया। जिसके
सम्बंध में कार्यालय सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक उ0प्र0
परिवहन निगम के पत्र सं0 1412/सहायक
क्षेत्रीय प्रबन्धक/जौनपुर/टिकट सत्यापन
08 दिनांक 30.07.08 द्वारा टिकट सं0
एन0वाई0एल0 4799009 के सम्बंध में अवगत
कराया गया कि उक्त टिकट वाराणसी
से जौनपुर मार्ग पर यात्री को
परिचालक श्री जयदीप उपाध्याय द्वारा
निर्गत किया गया जो दिनांक 16.12.07 को
रोडवेज बस यू0पी0 65 आर-2637 चालक
श्री राजकुमार श्रीवास्तव पर परिचालन
कर रहे थे उक्त पत्र पत्रावली कागज सं0
31/3 है। जिस पर वस्तु प्रदर्श 42 डाला
गया। मेरे द्वारा दिनांक 15.03.08, 16.03.08
को अपने अधिकृत मेल आई0डी0 ते/नचंजे
ण्बवउ से अभियुक्त गणों के पास से
बरामद किये गये एवं उनके घर से
क्षेत्राधिकारी श्री चिरंजीवी नाथ सिन्हा एवं
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क्षेत्राधिकारी श्री जनक प्रसाद द्विवेदी द्वारा
दिये गये दबिश तथा जामा तलाशी के
अन्तर्गत बरामद किये गये मोबाइल फोन
को विभिन्न संचार नेटवर्कों पर स्कैन
कराये जाने हेतु अनुरोध क्रमशः एयरटेल,
आइडिया, हच, एयरटेल उ0प्र0 पश्चिमी, आइडिया
एवं हच के उ0प्र0 पश्चिमी सम्मात से
आख्या प्राप्त किये जाने हेतु अनुरोध
प्रेषित किया गया जो शामिल पत्रावली है।

           to be continued on
            24.07.12
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