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मंगलवार, 9 फ़रवरी 2010

सब ख़ता वालिद की है, बेटे को पैदा क्यों किया

ऑस्ट्रेलिया में नस्लवाद

युवा वेश तो विदेशी आचार-विचार स्टाइल फैशन का क्रेजी होता ही है, हमारे बुजुर्ग जो कभी अंग्रेजी माहौल में पले बढ़े थे अब भी उसी पाश्चात्य संस्कृति के दीवाने नजर आते है, लेकिन हम आखिर कब तक उस खोखली संस्कृति के गुन गाते रहेंगे, हमारे कुछ युवक बड़े अरमान से आस्ट्रेलिया गये थे, शिक्षित होने के लिए तथा अमीर बनने के लिये परन्तु दुखद है कि उन्हे गरीब बनने की घुट्टी पिलाई जा रही है।

सोमवार, 18 जनवरी 2010

अब पछताए क्या होत.......

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री आसिफ अली जरदारी ने अमरीका से शिकायत की है कि एक तरफ अमरीका आतंकवाद के विरूद्ध जंग में उसे अपना सहयोगी मानता है तो वही दूसरी तरफ उसके शहरियों पर ड्रोन हमले भी होते रहते हैं जिसके कारण आम जनता में अमरीका व पाकिस्तानी सरकार के विरूद्ध क्रोध व कुण्ठा बढ़ती है परिणाम स्वरूप आतंकियों का जनसमर्थन बढ़ता है।

गुरुवार, 14 जनवरी 2010

उन्नति के नाम पर पाश्चात्य सभ्यता की बेशर्मी

फ्रांस में बुर्का पहनने पर प्रतिबन्ध लगा दिए जाने से मुस्लिम समुदाय में काफी रोष है। एक और विकसित राष्ट्रों का यह दवा है कि वह कट्टर पंथी विचारधारा के विरुद्ध है और मानव अधिकार के नाम पर सभी नागरिकों को सामान अधिकार देने के पक्षधर है तो वहीँ इस तरह के नादिरशाही फरमान इन राष्ट्रों जिनका नेतृत्व अमेरिका करता आया है की कथनी व करनी के फर्क को दर्शाता है ।

बुधवार, 13 जनवरी 2010

स्वाइन फ्लू की दहशत, दवा कंपनियों का खेल

यूरोप की एक समाचार एजेंसी के हवाले से खबर आई है कि पूरे संसार में स्वाइन फ्लू के नाम पर दहशत फैलाने का काम दवा बनाने वाली विश्व की कुछ बड़ी कंपनियों ने अंजाम दी थी इसके लिए उन्होंने मीडिया का भरपूर सहारा लिया था।
वर्ष 2008 के प्रारम्भ में स्वाइन फ्लू नाम की एक अनजान बीमारी जिससे संसार का हर व्यक्ति अनभिज्ञ था, का नाम मीडिया में प्रमुखता से चर्चाओं में आया।

मंगलवार, 29 दिसंबर 2009

हमी ने दर्द दिया, हमी दवा देंगे




बाराबंकी। अमेरिका ने जिस प्रकार हमारे देश को तबाह व बर्बाद करने का मंसूबा बनाया है इसका खुलासा अब डेविड कोलमैन हेडली के साथ अमेरिकी खुफिया एजेंसियों , जांच एजेंसी ऍफ़.बी.आई स्वयं विदेश मंत्रालय के रवैये से साफ़ तौर से जाहिर हो रहा है। अमेरिका न तो हमारे देश के ऊपर इतनी बड़ी साजिश रचने वाले व्यक्ति को प्रत्यर्पण के द्वारा सौपने को तैयार है और न ही मुंबई घटना की जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियों को अमेरिका में हेडली से पूछ ताछ के लिए उसने अनुमति दी। डेविड हेडली की गिरफ्तारी उसके ऊपर लश्करे तैय्यबा का लेबल, सी.आई.ए का लेबल हटा कर चस्पा करने के बाद अमेरिका द्वारा पूरे संसार को यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि यह मुंबई की आतंकी घटना में न तो मोसाद का हाथ है और न सी.आई.ए का यह सीधे-सीधे लश्करे तय्यबा के द्वारा सुनियोजित ढंग से अंजाम दी गयी घटना है।

शशिकांत: सेक्स और राजनीति का रिश्ता

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दामन पर भी लगी हुई है दाग! बलराज मधोक ने लिखा है... "ज़िन्दगी का सफ़र"-3 पेज नुम्बर 25 से उद्धृत, "...मुझे अटल बिहारी और नाना देशमुख की चारित्रिक दुर्बलताओं का ज्ञान हो चुका था. जगदीश प्र.माथुर ने मुझसे शिकायत की थी की अटल (बिहारी वाजपेयी) ने ३०, राजेंद्र प्रसाद रोड को व्यभिचार का अड्डा बना दिया है. वहां नित्य नई-नई लड़कियाँ आती हैं. अब सर से पानी गुजरने लगा है. जनसंघ के वरिष्ठ नेता के नाते मैंने इस बात को नोटिस में लाने की हिम्मत की. मुझे अटल के चरित्र के विषय में कुछ जानकारी थी.पर बात इतनी बिगड़ चुकी है, ये मैं नहीं मानता था .मैंने अटल को अपने निवास पर बुलाया और बंद कमरे में उससे जगदीश माथुर द्वारा कही गई बातों के विषय में पूछा. उसने जो सफाई दी बात साफ़ हो गई. तब मैंने अटल (बिहारी वाजपेयी ) को सुझाव दिया कि वह विवाह कर ले अन्यथा वह बदनाम तो होगा ही, जनसंघ की छवि को भी धक्का लगेगा.....................sabhar

शशिकांत

गुरुवार, 24 दिसंबर 2009

सेरोगेटेड़ मां विज्ञान की उपलब्धि या सामाजिक अभिशाप

जर्मनी को एक एक जोड़ा आजकल अपने सेरोगेतेड बालकों को वापस ले जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के चक्कर लगा रहा है। जान ब्लास और सुजर नाम के पति पत्नी नि:संतान थे , ने भारत के गुजरात प्रान्त आकर आनंद अस्पताल में डॉक्टर नयना पटेल की सहायता से किराए की कोख हासिल कर दो जुड़वाँ पुत्रों की प्राप्ति की। इनके नाम निकोलस एवं ल्युनार्ड रखे गए परन्तु जर्मनी ले जाने के लिए उन्हें दिक्कत राष्ट्रीयता की आ गयी इसलिए वह जर्मनी भारत के कानून के बीच अपने मासूमो को पाने की जद्दोजद में लगे हुए हैं।
संतान विहीन दम्पतियों के लिए टेस्ट ट्युब बेबी के तौर पर एक हसीन तोहफा ले कर आया और सूने घरों में भी उम्मीद का चिराग जल उठा। टेस्ट ट्युब बेबी का जन्म दो प्रकार से हो सकता है। एक स्वयं उसी महिला के गर्भाशय में सीधे निषेचन के बाद भ्रूण को स्थापित कर उसी मां के पेट से बच्चे का जन्म करा कर और दूसरा तरीका यह है कि किराये की कोख से निकले बच्चे को सेरोगेटेड़ चाइल्ड कहा जा सकता है और मां को सेरोगेटेड़ मदर।

रविवार, 20 दिसंबर 2009

कोपेनहेगन वार्ता का दुःखद अंत


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अंततः जलवायु परिवर्तन पर कोपेनहेगन वार्ता का दुःखद अंत हो चुका है। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन के बेला सेंन्टर में चले 12 दिन की लंबी बातचीत दुनिया के आशाओं पर बेनतीजा ही रही। कोपेनहेगन सम्मेलन में बातचीत के लिए जुटे 192 देशों के नेताओं के तौर-तरीकों से यह कतई नहीं लगा कि वे पृथ्वी के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। दुनियाँ के कई बड़े नेताओं ने बेशर्मी के साथ घोषणा की कि ‘यह प्रक्रिया की शुरुआत है, न की अंत’। 192 देशों के नेता किसी सामुहिक नतीजे पर नहीं पहुँच सके, झूठी सदिच्छाओं के गुब्बारे के गुब्बार तो बनाए गए, पर किसी ठोस कदम की बात कहीं नहीं आई। कोपेनहेगन सम्मेलन मात्र एक गर्मागर्म बहस बनकर खत्म हो चुकी है।

शनिवार, 19 दिसंबर 2009

कोप से होप के बजाए निकल रहे हैं गुप्त मसौदे

कोप15 में फूटा विकासशील देशों का कोप


कोपेनेहेगेन जलवायु वार्ता जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आशा-उम्मीदों के दिये कमजोर पड़ते जा रहे हैं। धरती गरम होती जा रही है, दुनिया के सैकड़ों द्वीप डूबने के कगार पर हैं, भारत के सुंदरवन के ही चार से ज्यादा द्वीप डूब चुके हैं, ऐसे में भी विकसित देश कोपेनेहेगेन जलवायु वार्ता में भी मुद्दे को छोड़कर अपनी चालबाजियों को अंजाम देने पर ही ज्यादा आमादा हैं, उनके कई गुप्त एजेंडे पर्दे पर आने शुरू हो गये हैं।

7-18 दिसंबर तक चलने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सभा (यूएनएफसीसी) के कोपेनहेगन सम्मेलन के बीच की कई अंदरूनी जानकारियां अब बाहर आ रही हैं।