शुक्रवार, 3 अक्तूबर 2014

राजेश कुमार श्रीवास्तव पुलिस उपाधीक्षक -------------गवाह ------------8------जारी--8

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                    15-03-2013

नाम गवाह राजेश कुमार श्रीवासतव ने आज दिनांक
15.03.13 को सशपथ बयान किया-
जिरह जारी-
    यह भी अवगत कराना है कि दिनांक 15.2.13 को
मेरे द्वारा मो0 नं0 9450084200 के कैफ उपलब्ध
न होने के कारण त्रुटिवश उनके मालिक का नाम
जमीर मुजाहिद अंकित कराया गया था जिसको
मेरे द्वारा उक्त नम्बर के कैफ के अवलोकन के
उपरांत उसका स्वामित्व श्री जहीर आलम फलाही
का होना पाया गया। इसके अतिरिक्त मुझे अन्य
कोई भी शुद्ध अपने बयान में नही कराना है।
19.12.2007 से 24.12.2007 के मध्य IEMI No.
35565500721064 में के द्वारा
19.12.07 से 24.12.07 तक कोई भी काॅल अंकित
नहीं है। खालिद मुजाहिद के पास से बरामद IEMI No.
355655007210640 पर अंकित सिम 9889810588
से सिम नं0 9450047342 पर दिनांक 22.12.07 को
6 hrs 3 m. 33see am  पर 85sec वार्ता की गई। तथा
दिनांक 22.12.07 को 11 hrs 49 m 31 sec पर call
centre 46726565536 से एक sms tenul
nate हुआ। यह कहना सही है कि मेरे द्वारा बशीर अहमद
की फर्द की हिन्दी अनुवादित प्रतिलिपी दाखिल की गई है।
जो पत्रावली में ब 20/10 पर उपलब्ध है उसके
अवलोकन से बशीर अहमद पुत्र हबीब अहमद
निवासी कुशाल अंकित है तथा उस पर किसी अन्य
उर्फियत का अंकन नही है। कागज स0 ब-20/10
पर दायित्व पत्र पर किसी के हस्ताक्षर अथवा
प्रमाणिक करने वाले किसी अधिकारी के
हस्ताक्षर नही है। उक्त फर्द बरामदगी के
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय जनपद
किश्तवार जम्मू एण्ड कश्मीर द्वारा प्रमाणित प्रति
दाखिल की गई थी। मैं उूर्द नही जानता हूं।
मैं स्वयं उस प्रपत्र में क्या लिखा है यह
नहीं बता सकता हूं। मेरे द्वारा खालिद मुजाहिद
तथा तारिक काजमी के कथन 164 भ0द0प्र0सं0 के
अन्तर्गत कराने की रिपोर्ट नही दी गई थी।
मेरी जानकारी के अनुसार किसी भी न्यायालय
द्वारा 164 सीआरपीसी के बयान इनके कराने के
आदेश पारित नहीं हुए थे। इस न्यायालय के
समक्ष नार्को टेस्ट कराये जाने का
प्रार्थना पत्र नहीं दिया गया था। मैं स्वयं
निष्प्रयोजय कराये गये विस्फोटक पदार्थों को
विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा नहीं ले गया
था। बरामद शुदा बस के टिकट का काई काउण्टर
फाइल नही होता उसकी कार्बन प्रति होती है
जिसे मेरे द्वारा दाखिल नहीं किया गया। मेरे
द्वारा मोटर साइकिल के स्टैण्ड की रसीद का
काउण्टर फाइल इस केस में दाखिल नहीं
किया गया है। यह कहना गलत है कि
सोची समझी रणनीति के तहत अभियुक्तगण
को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
यह कहना गलत है कि खालिद मुजाहिद को
एस0टी0एफ0 द्वारा 16.12.07 को थाना
मडि़याव जनपद जौनपुर से गिरफ्तार किया
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गया हो। यह कहना गलत है कि
खालिद मुजाहिद के पास से इस
मुकदमें से सम्बंधित कोई चीज
बरामद न हुई हो। यह कहना गलत है
कि गिरफ्तारी टीम के सदस्यों द्वारा
अभियुक्तों को जनपद लखनऊ से बाराबंकी
लाकर गिरफ्तारी दिखाई गई हो।
            to be continued for
    tariq qazmi on next date 05-04-13
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