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गुरुवार, 11 फ़रवरी 2010

‘‘बहुमत का जुल्म’’

प्रजातंत्र भी आग के समान है जो अत्यंत उपयोगी है और अत्याधिक खतरनाक भी। लोकतंत्र हो, भीडतंत्र हो, सर्वसम्मति हो, या बहुमत हो, ये सभी उस समय व्यक्ति या समाज के लिये घातक बनते हैं जब इस अस्त्र का इस्तेमाल करने वाले मन में खोट होती है या स्वार्थ भावना के अन्तर्गत फैसले किये जाते हैं। आप देखते ही है कि सुरक्षा परिषद में बेटों और आम राय के बहाने पांच स्थायी सदस्य कैसे कैसे खेल खेलते हैं तथा जनरल असेम्बली मूक दर्शक ही बनी रहती है।

शनिवार, 30 जनवरी 2010

संघ का हिंदुत्व


सर्वश्री जमुना प्रसाद त्रिपाठी, चन्दन मिश्र, मनीष मेहरोत्रा नगर पुरोहित भाल चन्द्र मिश्रा

बाराबंकी में सैकड़ों साल पुराना ठाकुरद्वारा का मंदिर शहर के बीच में स्थित है ठाकुरद्वारा ट्रस्ट के पदाधिकारी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के आदि पुरुष गण हैं । संघ का परिचय उन्ही के नामो से शुरू होता है इन लोगो ने शहर में दंगा करने के लिए मंदिर के अग्र भाग को प्रोपर्टी ड़ीलर नौशाद आलम उर्फ़ चंदा को बेच दिया जिस पर जैसे ही मंदिर टूटना प्रारम्भ हुआ शहर में तमाम तरह की अफवाहें उड़ना शुरू हो

रविवार, 17 जनवरी 2010

सपा गढ़ पर हाथी का कब्ज़ा -1

बाराबंकी। किसी जामने में सपा का गढ़ माने जानी वाली स्वर्गीय राम सेवक यादव की कर्म भूमि बाराबंकी में अब सपा का पतन करीब करीब होता नजर आ रहा है और बहुजन समाज पार्टी में उस पर अपना अधिपत्य बना लिया है।
उत्तर प्रदेश के निकट स्थित इस जनपद में जब समाजवादी तहरीक परवान चढ़ी जब पूरे प्रदेश में कांग्रेस व देश में कांग्रेस का वर्चस्व था। कारण यह था कि यहाँ पिछड़े वर्ग के

शुक्रवार, 15 जनवरी 2010

कुर्मियों में अपनी साख खोते बेनी

बाराबंकी। लगता है बेनी प्रसाद वर्मा की पकड़ अपने कुर्मी वोटों पर भी कमजोर होती जा राही है तभी तो उनकी हिम्मत अपने पुत्र राकेश कुमार वर्मा को विधान परिषद् चुनाव में उतारने की नहीं पड़ी और जिस पार्टी ने कांग्रेस की प्रदेश मुखिया का घर जला कर राख कर दिया था उसी पार्टी के गैर कुर्मी प्रत्याशी को समर्थन देकर जीतने वाले घोड़े की पीठ पर सवार हो लिए जबकि गोण्डा जहाँ से वह सांसद हैं में कुर्मी वोटों के होने के बावजूद वह कांग्रेस प्रत्याशी को जीता न पाए।

सोमवार, 11 जनवरी 2010

यादव मुस्लिम और किसानों की समीकरण पर लौटते मुलायम

बाराबंकी। समाजवादी पार्टी ने लगता है कांग्रेस के 2012 के आपरेशन उत्तर प्रदेश के मंसूबों पर पानी फेरने का ताना बाना बुनना प्रारम्भ कर दिया है। पार्टी के हाईटेक लीडर अमर सिंह जिनके हर नखरे पार्टी अभी तक ना चाहकर भी बर्दाश्त करती आ रही थी अचानाक उससे मुंह मोड़कर खड़ी हो गयी है और अपना नफा नुकसान का तय तोड़ करके वह उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने के बहाने ढूंढ रही है।
उ0प्र0 में वापसी का सपना संजोए कांग्रेस पार्टी के लिए शायद यह अच्छी खबर ना हो कि

मंगलवार, 5 जनवरी 2010

बेनी प्रसाद का कांग्रेस में भविष्य

बाराबंकी। आजकल फिर बेनी प्रसाद वर्मा राजनीति की सुर्ख़ियों में हैं। कांग्रेस पार्टी से गोंडा के सांसद बेनी प्रसाद वर्मा ने अपने गृह जनपद बाराबंकी की राजनीति में अपना हस्तक्षेप न सिर्फ जारी रखा है बल्कि कांग्रेसी सांसद पुनिया से उनकी ठन गयी है। कारण स्थानीय निकाय के लिए विधान परिषद् सीट के चुनाव में उनका खुले आम बसपा प्रत्याशी को समर्थन का एलान करना और अपने इस निर्णय में कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह के नाम को घसीटने पर प्रदेश के कांग्रेसी इतने आग बबूला हो चुके हैं कि उनके निष्कासन की सिफारिश पी.सी.सी सदस्यों की तरफ से कांग्रेस आलाकमान को कर दी गयी है।

बुधवार, 30 दिसंबर 2009

महंगाई की मार खाते गरीब पर सियासत का डंक

बाराबंकी। महंगाई की मार गरीब को खाए जा रही है। हाल यह है कि अगर वह रोटी की तरफ दौड़ता है तो, दाल के पैसे नहीं। किसी तरह से मेहनत मजदूरी कर यह दोनों जूता लेता है तो दवा के पैसे नहीं, ठण्ड में गर्म कपड़ों के पैसे नहीं ओढने को गर्म कम्बल रजाई नहीं। गर्ज कि भारत में गरीब पिस रहा है और अमीर व्यक्तियों की संख्या व इनके ऐशो आराम के संसाधनों में दिन प्रति दिन इजाफा हो रहा है उदारीकरण शायद अमीरों को और अमीर बनाने के लिए साम्राज्यवादियों का एक प्रबल हथियार साबित हो रहा है। वही गरीबों के लिए घातक ।

रविवार, 27 दिसंबर 2009

बेनी बाबू की करिश्माई शख्सियत अब भी जिले में हावी

बाराबंकी। स्थानीय निकाय विधान परिषद् सीट के लिए जिले में चुनाव अब दो प्रत्याशियों बसपा के हरगोबिन्द सिंह व सपा के अरविन्द यादव के मध्य आकर ठहर गया है। दोनों प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर में मौजूदा ऍम.एल.सी अरविन्द यादव का पल्ला गोंडा से कांग्रेसी सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के उनके पक्ष में गुप्त समर्थन के कारण फिलहाल भारी पद रहा है। बसपा प्रत्याशी की जीत अब केवल उनके अथाह धन एवं सत्ता के दबाववश प्रशासन की मदद पर निर्भर है।
प्रसिद्ध समाजसेवी लीडर एवं स्वर्गीय राम सेवक यादव के भतीजे अरविन्द यादव के हक़ में फिजा फिलहाल इस चुनाव में साजगार बन गयी है।

शनिवार, 26 दिसंबर 2009

जनता की नजरों में गिरते जनप्रतिनिधि

बाराबंकी। नगर परिषद् नवाबगंज सभासदों द्वारा एक साथ दिए गए त्यागपत्रों का मामला फिर टाय टाय फिश हो गया। नाराज सभासद अध्यक्ष के आश्वासन पर हर बार की तरह इस बार भी मान गए। सौदा किस बात पर पटा यह न सभासद खोलना चाहते हैं और न अध्यक्ष केवल एक बात पर दोनों सहमत नजर आये कि अधिशासी अधिकारी के स्थानान्तरण के लिए मिल कर प्रयास किये जाएँ ।

बुधवार, 23 दिसंबर 2009

अधिशाषी अधिकारी पर गरम, अध्यक्ष पर नरम आक्रोशित सभासद

बाराबंकी। नगर परिषद् नवाबगंज के 25 में से 23 सभासदों ने अपने त्यागपत्र अध्यक्ष को दे दिए हैं। कारण यह बताया है कि नगर परिषद् में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है और शिकायत करने पर अधिशाषी अधिकारी सुनते नहीं और अध्यक्ष भी ऐसे लोगो को संरक्षण देते हैं ।
नगर परिषद् नवाबगंज के अध्यक्ष का सम्बन्ध सत्ता दल से है । इस कारण प्रशासन व शासन मौन है वर्ना पूर्व में नगर पंचायत जैदपुर व नगर पंचायत हैदरगढ़ के अध्यक्षों के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार जिला प्रशासन की सिफारिश शासन द्वारा छीन लिए गए थे और कई नगर पंचायत अध्यक्षों पर शासन की तलवार लटक रही थी। कई माह बाद नगर पंचायत अध्यक्ष जैदपुर को तो उच्च न्यायलय से राहत मिल गयी परन्तु हैदरगढ़ के अध्यक्ष अभी सजा काट रहे हैं चूँकि नगर परिषद् नवाबगंज के अध्यक्ष सत्ता दल से जुड़े हुए हैं इसलिए उनके सौ खून माफ़ ।

मंगलवार, 22 दिसंबर 2009

विधान परिषद् सदस्य चुनाव का फैसला बेनी बाबू के रहमो करम पर

बाराबंकी। आगामी 7 जनवरी को होने वाले स्थानीय निकाय की विधान परिषद् सदस्य सीट के चुनाव में जीत का सेहरा किसके सर बंधेगा ? इसका फैसला एक आदमी के आशीर्वाद पर आ कर ठहर गया है और वह शख्स कोई और नहीं प्रदेश के दिग्गज नेता बेनी प्रसाद वर्मा हैं। जिसे स्नेह व श्रद्धा से लोग बाबूजी कहना पसंद करते हैं।
सियासत की बिसात पर अपनी शतरंजी चालों के लिए प्रसिद्ध बेनी बाबू की चौखट पर लगभग सभी दलों के प्रत्याशी मदद की गुहार लगाते दिन के उजाले से लेकर रात के अँधेरे में देखे जा रहे हैं। कुछ फ़ोन पर ही पाँव लागी कर रहे हैं। परन्तु बाबू जी की गर्दन में अभी कोई लोच दिखलाई नहीं पड़ रहा है । इससे कयास आराइयों का दौर दौरा चल रहा है ।